क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को बड़ा सबक सिखाने की तैयारी
कांग्रेस करेगी सस्पेंड, पार्टी के व्हिप मानने पर होंगे मजबूर, न मानने पर जाएगी सदस्यता

सत्य खबर हरियाणा
Congress in action mode : प्रदेश कांग्रेस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों को ऐसा सबक सिखाने की तैयारी में है कि भविष्य में कोई भी विधायक क्रॉस वोटिंग करने से पहले कई बार सोचे।
हरियाणा कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी के पास मौजूद विकल्पों पर पूरी तरह से चर्चा की गई है और उसके बाद फैसला किया गया इन विधायकों को ऐसा सबक सिखाया जाए कि यह खुद पार्टी छोड़ने पर मजबूर हो जाएं। अगर इन्होंने पार्टी छोड़ी तो उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म हो जाएगी और ऐसी स्थिति में उपचुनाव होंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक क्रॉस वोटिंग के आरोपी विधायकों को लेकर 2 ही विकल्पों पर चर्चा की गई है कि निलंबित किया जाए या पार्टी से बाहर निकाला जाए। कांग्रेस की मंशा है कि इन विधायकों की किसी तरह तकनीकी आधार पर अयोग्य ठहराया जा सके। यदि पार्टी किसी बिल या प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में वोट करने का व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है और विधायक इसका उल्लंघन करते हैं तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है। ऐसे में उनका विधायक पद चला जाता है।
शनिवार को हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन एक्शन कमेटी ने इन पांचों विधायकों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की ई-मेल के जरिए अपनी रिपोर्ट भेजी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पांचों विधायकों को सस्पेंड करने एवं इस मामले में कड़ा एक्शन लेने की भी सिफारिश की है। अब राव नरेंद्र सिंह इस रिपोर्ट को पार्टी हाईकमान को भेजेंगे। उसके बाद आखिरी फैसला हाईकमान ही लेगा।
नियमों के अनुसार अगर पार्टी इन विधायकों को सस्पेंड करती है तो उस सूरत में ये विधायक आगे भी सदन के अंदर पार्टी व्हिप मानने को बाध्य होंगे। चंडीगढ़ में अनुशासन एक्शन कमेटी की मीटिंग में गंभीरता से चर्चा हुई कि पांचों विधायकों को ऐसी सजा दी जाए कि उन्हें भविष्य में सदन के अंदर किसी तरह की खुली छूट न मिल पाए। कांग्रेस इस कोशिश में है कि एक्शन ऐसा होना चाहिए कि ये विधायक न इधर के रहें और न उधर के और अंततः खुद ही पार्टी छोड़ने को मजबूर हो जाएं।
क्रॉस वोटिंग के आरोप झेल रही नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और साढौरा विधायक रेनू बाला की ओर से अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक को व्हाट्सएप टाइप्ड लैटर भेजकर कहा है कि कोई भी फैसला लेने से पहले व्यक्तिगत पेशी का मौका दिया जाए और उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद शैली चौधरी और रेनू बाला चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में अनुशासन समिति की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंच गई। रेनू बाला ने पत्रकारों से बात नहीं की और अंदर चली गई, जबकि शैली ने कहा कि उन्हें बुलाया गया था, इसलिए वह यहां आई हैं। दोनों विधायकों को कमेटी के साथ बात रखने के लिए 10-10 मिनट का समय मिला। सूत्रों के मुताबिक एक विधायक ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा को वोट दिखाया था, जबकि दूसरी ने कहा कि उन्होंने पार्टी प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद को वोट दिखाया था। दोनों विधायकों का पक्ष सुनने के बाद कमेटी ने करीब 1 घंटे तक आपस में चर्चा की। इस दौरान तीनों विधायकों के लिखित जवाबों को पढ़ा गया। सूत्रों के मुताबिक कमेटी इस बात पर एकमत है कि सख्त संदेश दिया जाए लेकिन तकनीकी जटिलताओं पर भी चर्चा की गई। पुनहाना विधायक मोहम्मद इलियास व हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल के कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर प्रथम दृष्टया यही माना गया कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग की है।
पार्टी का कहना है कि अगर इनको पार्टी से निकाल दिया जाएगा तो यह लोग स्वतंत्र रूप से विधायक बने रहेंगे। लेकिन पार्टी इनके ऊपर तलवार लटकाए रखना चाहती है ताकि भविष्य में क्रॉस वोटिंग करने से पहले विधायक इस पर कई बार विचार करें। सूत्र बताते हैं पार्टी इस समय हथीन और पुनहाना विधानसभा सीट को लेकर खासी तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि इन दोनों सीटों पर उपचुनाव हर हाल में हो जाएगा और पार्टी इन दोनों सीटों पर अभी से तैयारी में भी लग गई है।
#Haryana #CrossVoting #MLAs #PoliticalPreparations #LessonToLearn #ElectionIntegrity #HaryanaPolitics #DemocracyInAction #VoicesOfHaryana #Accountability #PoliticalAccountability #VoterEthics #ElectionWatching #PoliticalEngagement #HaryanaLeaders #LegislativeResponsibility #CivicResponsibility #HaryanaUpdates #ElectoralReform